सुबह खाली पेट भीगे हुए चने खाने के 10 जबरदस्त फायदे, सही मात्रा और किन लोगों को नहीं खाना चाहिए

Santoshi
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सुबह खाली पेट खाने के लिए कटोरी में रखे भीगे हुए काले चने का क्लोज-अप दृश्य

सुबह भीगे हुए चने खाना हमारे यहां काफी आम है। बहुत से लोग रात में चने भिगोकर सुबह खाते हैं। इसकी वजह यह है कि चना आसानी से मिल जाता है, ज्यादा महंगा नहीं होता और इसमें प्रोटीन, फाइबर, फोलेट, आयरन और फॉस्फोरस जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं।

लेकिन क्या चने को सुबह खाली पेट खाना जरूरी है? कितनी मात्रा सही रहती है? क्या इससे गैस हो सकती है? और क्या हर व्यक्ति के लिए भीगे चने ठीक हैं?

इन सवालों का जवाब जानना जरूरी है, क्योंकि चना एक पौष्टिक भोजन है, लेकिन इसे किसी बीमारी की दवा समझना सही नहीं है। इसका फायदा आपकी पूरी diet, खाने की मात्रा और शरीर की पाचन क्षमता पर भी निर्भर करता है।

भीगे चने में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?

चना एक दलहन है। इसमें plant-based protein और dietary fiber अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें फोलेट, आयरन और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्व भी मिलते हैं।

इसी वजह से चने को रोज के संतुलित भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। रातभर पानी में भिगोने से सूखे चने नरम हो जाते हैं और उन्हें खाना आसान हो जाता है। लेकिन यह मानना सही नहीं है कि भिगोने से चने के सभी पोषक तत्व कई गुना बढ़ जाते हैं।

सुबह भीगे चने खाने के फायदे

1. शरीर को plant-based protein मिलता है

प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों और दूसरे tissues के लिए जरूरी होता है। चना plant-based protein का अच्छा स्रोत है, इसलिए इसे भोजन में शामिल करने से रोज की protein intake बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

लेकिन केवल चना खाने से पूरे दिन की protein जरूरत पूरी हो जाएगी, ऐसा मानना सही नहीं है। पूरी diet में अलग-अलग protein sources रखना ज्यादा अच्छा रहता है।

2. पेट कुछ समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है

चना protein और fiber दोनों देता है। ये दोनों चीजें भोजन के बाद पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकती हैं।

इसी कारण चना ऐसे breakfast का हिस्सा बन सकता है जिसमें खाने के थोड़ी देर बाद ही फिर से भूख न लगे। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि केवल चना खाने से वजन अपने आप कम होने लगेगा।

3. फाइबर की वजह से पाचन को support मिल सकता है

चना dietary fiber का अच्छा स्रोत है। पर्याप्त fiber सामान्य bowel movement के लिए जरूरी होता है।

इसलिए balanced diet में चना शामिल करना सामान्य पाचन के लिए उपयोगी हो सकता है। लेकिन अगर आपकी diet में पहले fiber कम था और आपने अचानक बहुत ज्यादा चना खाना शुरू कर दिया, तो गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है। इसलिए मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाना बेहतर रहता है।

4. कई जरूरी nutrients diet में जोड़ता है

चना सिर्फ protein और fiber का स्रोत नहीं है। इसमें folate, iron और phosphorus जैसे nutrients भी पाए जाते हैं।

इसलिए इसे खाने से आपकी diet में अलग-अलग पोषक तत्व शामिल करने में मदद मिल सकती है। अगर किसी व्यक्ति में iron या किसी दूसरे nutrient की कमी है, तो केवल चना खाना उसका इलाज नहीं माना जा सकता।

5. वजन को manage करने वाली diet में शामिल किया जा सकता है

Protein और fiber के कारण चना खाने के बाद पेट ज्यादा देर तक भरा हुआ महसूस हो सकता है। इससे कुछ लोगों को बार-बार खाने की इच्छा कम करने में मदद मिल सकती है।

लेकिन वजन कम होना या बढ़ना केवल किसी एक food पर निर्भर नहीं करता। पूरे दिन की calorie intake, physical activity और बाकी diet भी महत्वपूर्ण होती है।

6. Blood sugar को ध्यान में रखने वाली diet में जगह हो सकती है

Chickpeas में fiber और धीरे पचने वाले carbohydrates पाए जाते हैं और इनका glycemic index अपेक्षाकृत कम होता है। इसलिए इन्हें संतुलित diet का हिस्सा बनाया जा सकता है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि चना diabetes को ठीक करता है। Diabetes वाले व्यक्ति को अपनी पूरी diet और दवाओं को ध्यान में रखकर भोजन तय करना चाहिए।

7. Heart-healthy diet का हिस्सा हो सकता है

चना और दूसरे legumes में fiber और कई plant nutrients होते हैं। इन्हें healthy eating pattern का हिस्सा माना जाता है।

लेकिन चना अकेले heart disease से बचाने वाली चीज नहीं है। दिल की सेहत के लिए पूरी diet, physical activity, blood pressure, cholesterol और दूसरे lifestyle factors भी महत्वपूर्ण हैं।

क्या खाली पेट ही भीगे चने खाने चाहिए?

नहीं।

यह सबसे जरूरी बातों में से एक है। चने को खाली पेट खाने से ही ज्यादा फायदा मिलेगा, ऐसा साबित करने वाला कोई सामान्य नियम नहीं है। अगर आपको सुबह खाली पेट चने खाने से कोई परेशानी नहीं होती तो आप उन्हें खा सकते हैं।

लेकिन अगर खाली पेट खाने के बाद गैस, पेट फूलना या भारीपन महसूस होता है, तो चने को किसी दूसरे भोजन के साथ लेना या मात्रा कम करना बेहतर हो सकता है।

यानी खाली पेट खाना एक पसंद हो सकती है, जरूरी शर्त नहीं।

कितनी मात्रा में भीगे चने खाने चाहिए?

हर व्यक्ति के लिए एक जैसी मात्रा सही नहीं होती। आपकी उम्र, पूरी diet, physical activity और पाचन क्षमता के हिसाब से जरूरत बदल सकती है।

अगर आप पहली बार नियमित रूप से चने खाना शुरू कर रहे हैं तो लगभग 2–3 बड़े चम्मच भीगे चनों से शुरुआत करना एक practical तरीका हो सकता है। शरीर आसानी से पचा ले तो अपनी सामान्य diet के अनुसार मात्रा बढ़ाई जा सकती है।

बहुत ज्यादा मात्रा एक साथ खाने से फायदा बढ़ना जरूरी नहीं है। इसके बजाय गैस, पेट फूलना या भारीपन हो सकता है। इसलिए शुरुआत कम मात्रा से करें और शरीर की प्रतिक्रिया देखें।

भीगे चने तैयार करने का आसान तरीका

  1. सूखे चनों को अच्छी तरह साफ करके धो लें।
  2. उन्हें साफ पानी में रातभर भिगो दें।
  3. सुबह भिगोया हुआ पानी निकाल दें और चनों को दोबारा धो लें।
  4. अच्छी तरह चबाकर खाएं।
  5. अगर कच्चे भीगे चने भारी लगते हैं तो उन्हें अच्छी तरह उबालकर खा सकते हैं।

भीगे हुए चनों को लंबे समय तक गर्म या कमरे के तापमान पर पड़ा रहने देना ठीक नहीं है। खाने की साफ-सफाई और सही storage का भी ध्यान रखना चाहिए।

भीगे चने और अंकुरित चने में क्या फर्क है?

इन दोनों को अक्सर एक ही समझ लिया जाता है, लेकिन दोनों अलग हैं। भीगे चने वे हैं जिन्हें पानी में भिगोकर नरम किया गया है।

अंकुरित चने वे हैं जिन्हें भिगोने के बाद कुछ समय ऐसी स्थिति में रखा जाता है कि उनमें अंकुर निकलने लगें।

अंकुरित करने से चने में कुछ पोषक तत्वों की उपलब्धता और पाचन से जुड़े गुणों में बदलाव हो सकता है, लेकिन इसे किसी चमत्कारी health food की तरह देखने की जरूरत नहीं है।

अगर अंकुरित चने खा रहे हैं तो साफ-सफाई और सही storage का विशेष ध्यान रखें।

चने खाने से गैस क्यों हो सकती है?

यह समस्या बहुत से लोगों को होती है।

चना और दूसरे legumes में कुछ ऐसे carbohydrates और fibers होते हैं जिन्हें शरीर पूरी तरह digest नहीं कर पाता। ये बड़ी आंत तक पहुंचते हैं, जहां gut bacteria इन्हें ferment करते हैं। इस दौरान gas बन सकती है।

अगर चना खाने से गैस होती है तो:

  • मात्रा कम करके देखें।
  • अच्छी तरह भिगोकर खाएं।
  • जरूरत लगे तो चना उबालकर खाएं।
  • बहुत ज्यादा मात्रा एक साथ न लें।

अगर हर बार चना खाने पर तेज पेट दर्द, लगातार पेट फूलना या दूसरी परेशानी होती है तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

किन लोगों को भीगे चने खाते समय सावधानी रखनी चाहिए?

जिनको बार-बार गैस या पेट फूलता है

ऐसे लोगों को कम मात्रा से शुरुआत करनी चाहिए। अपनी पाचन क्षमता के अनुसार मात्रा तय करना बेहतर है।

Kidney की बीमारी वाले लोग

Kidney disease में हर व्यक्ति की diet एक जैसी नहीं होती। यह kidney function और दूसरी medical conditions पर निर्भर कर सकती है। इसलिए ऐसे लोगों को चने की मात्रा खुद से तय करने के बजाय डॉक्टर या qualified dietitian की सलाह लेनी चाहिए।

छोटे बच्चे

छोटे बच्चों को सख्त या अधपके चने देने से choking का खतरा हो सकता है। उनकी उम्र और चबाने की क्षमता के अनुसार नरम या अच्छी तरह पका हुआ भोजन देना बेहतर है।

जिनको चने से allergy हो

अगर चना खाने के बाद खुजली, सूजन, सांस लेने में परेशानी या कोई allergic reaction दिखाई दे तो इसे सामान्य गैस समझकर नजरअंदाज न करें और तुरंत medical help लें।

क्या भीगे चने से वजन बढ़ता है?

केवल सुबह चने खाने से वजन बढ़ने की गारंटी नहीं है।

अगर किसी व्यक्ति को वजन बढ़ाना है तो पूरे दिन पर्याप्त calories, protein और healthy fats लेना जरूरी है। चना इस तरह की diet का एक हिस्सा बन सकता है।

इसी तरह वजन कम करने के लिए भी सिर्फ चना खाना पर्याप्त नहीं है। पूरी diet और रोज की physical activity ज्यादा महत्वपूर्ण है।

क्या रोज भीगे चने खाना जरूरी है?

नहीं। आप चने को अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार diet में शामिल कर सकते हैं। लेकिन रोज एक ही food खाने की जरूरत नहीं है। दाल, दूसरे legumes, सब्जियां, फल, अनाज, nuts और seeds जैसे अलग-अलग foods खाने से diet में variety बनी रहती है।

क्या भीगे चने त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद हैं?

चना protein, iron और दूसरे nutrients देता है, इसलिए balanced diet का हिस्सा होने के कारण यह शरीर को nutrition देने में योगदान कर सकता है।

लेकिन यह कहना सही नहीं है कि रोज भीगे चने खाने से त्वचा चमकने लगेगी या बाल तेजी से बढ़ने लगेंगे।

त्वचा और बालों पर पूरी diet के साथ genetics, hormones, नींद, stress और कई दूसरे factors का भी असर होता है।

कुछ सवाल और जवाब

क्या सुबह खाली पेट भीगे चने खाना जरूरी है?

नहीं। अगर आपको खाली पेट खाने से कोई परेशानी नहीं होती तो खा सकते हैं। लेकिन इसे खाली पेट खाना जरूरी नहीं है।

कितने भीगे चने से शुरुआत करनी चाहिए?

अगर आप पहली बार शुरू कर रहे हैं तो 2–3 बड़े चम्मच से शुरुआत कर सकते हैं। शरीर आसानी से पचा ले तो मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाई जा सकती है।

चने खाने से गैस हो तो क्या करें?

मात्रा कम करें और चने को अच्छी तरह भिगोकर या पकाकर खाएं। अगर समस्या लगातार बनी रहती है तो डॉक्टर से सलाह लें।

क्या चना कब्ज में मदद कर सकता है?

चना fiber देता है, इसलिए यह सामान्य bowel movement को support कर सकता है। लेकिन लगातार कब्ज रहने पर केवल चने पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

क्या diabetes वाले लोग चना खा सकते हैं?

कई लोगों की balanced diet में चना शामिल हो सकता है, लेकिन diabetes में मात्रा और पूरी meal व्यक्ति की स्थिति के अनुसार तय करनी चाहिए।

क्या चना वजन बढ़ाने के लिए अच्छा है?

चना protein और carbohydrates देता है, लेकिन वजन बढ़ना पूरे दिन की कुल calorie intake पर निर्भर करता है। इसलिए केवल चना खाने से वजन बढ़ने की गारंटी नहीं है।

आखरी में मैं बस इतना ही कहना चाहता हूं

भीगे हुए चने एक सस्ता, आसानी से मिलने वाला और पौष्टिक food हैं। इनमें protein, fiber, folate, iron और phosphorus जैसे पोषक तत्व मिलते हैं। 

अगर आपका शरीर चने को आसानी से पचा लेता है तो इन्हें अपनी balanced diet में शामिल किया जा सकता है। खाली पेट खाना जरूरी नहीं है और ज्यादा चने खाने से ज्यादा फायदा मिलेगा, यह भी जरूरी नहीं है।

सबसे अच्छा तरीका यही है कि कम मात्रा से शुरुआत करें, शरीर की प्रतिक्रिया देखें और चनों को साफ तरीके से भिगोकर या जरूरत के अनुसार पकाकर खाएं।

जरूरी स्वास्थ्य सूचना

यह लेख सामान्य health और nutrition जानकारी के लिए है। इसे किसी बीमारी का इलाज या व्यक्तिगत medical advice न मानें। अगर आपको कोई बीमारी है, नियमित दवा चल रही है, food allergy है या चना खाने के बाद बार-बार परेशानी होती है, तो डॉक्टर या qualified healthcare professional से सलाह लें।

स्रोत

  • Harvard T.H. Chan School of Public Health — Chickpeas (Garbanzo Beans)
  • Harvard T.H. Chan School of Public Health — Legumes and Pulses

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